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हम जमाने से नहीं जमाना हम से है

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारे जमाने की बात ही कुछ और थी
        
                                                    
                            
तब ऐसा होता था वैसा होता था
अब तो जमाना कितना बदल गया है
तुम्हारा जमाना हमारे जमाने जैसा कहां
अक्सर ऐसे कहते सुना होगा आप सब ने
जमाना कोई भी क्यों न हो
चाहे नया हो चाहे पुराना
हर की अपनी खूबियां अपनी खामियां होती हैं
हर जमाने की खूबियों को आत्मसात करो
खामियों को त्रुटियों को सुधारने बदलने का प्रयास करो
यही तो हमारा दायित्व कर्तव्य होना चाहिए
हम जमाने से नहीं जमाना हम से है
तभी तो मिलकर एक सभ्य प्रगतिशील जमाने का आगज़ कर सकते हैं
स्वरचित -सरिता सिंह
3 वर्ष पहले
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