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मैं अपनी धुन में चलता रहता

Pankaj Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं अपनी धुन में चलता रहता, हाथ पकड़ के मेरा,
        
                                                    
                            
हौले से अगर आपने चौंकाया ना होता।

वो चेहरा जिसे लोग चाँद कहते हैं, मेरा होता,
अगर आपने आईना दिखाया ना होता।

ये चिराग कुछ देर और जलता,
हाथ अपना अगर आपने हटाया ना होता।

मुसाफिर ही रहते उम्र भर पंकज,
वक़्त पे अगर घर बनाया ना होता।
एक घंटा पहले
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Chandra prakash

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