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तेरी याद

Pankaj Gujrati

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ लोग हुए ऐसे भी जो लहरों से डर गये।
        
                                                    
                            
कभी समुंदर में ना उतरे, किनारों पे मर गये।
इक वो है जो तेरे लिए तिनका ना तोड़ सके,
एक हम थे जो तेरे वास्ते, हजारों से लड़ गए।

मैने सोचा था अब ना सोचूंगा कभी तुझे,
हुई शाम फिर तेरी याद में, पहरों पहर गए।

-दर्पण
2 वर्ष पहले
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