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जो तुम्हारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाते हों।

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            निःसंकोच दूरी बना लेना,
        
                                                    
                            
जो तुम्हारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाते हों।
रोक लेना उन भावों को,
जो राह में तुम्हारे रोड़ा अटकाते हों।
-चंद्र दत्त शर्मा
23 घंटे पहले
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