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अब उनसे मिलने का कोई सबब ही नहीं।

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जख्म दे दिए इतने,
        
                                                    
                            
कि हम अब तक उबरे ही नहीं,
ध्यान करते हैं जब उन लम्हों का,
काश वो लम्हे आते ही नहीं।
बस अब मतलब इतना ही है,
कि हम उन्हें सोच में लाते ही नहीं।
गुजर जाएगी यूं ही जिंदगी,
अब उनसे मिलने का कोई सबब ही नहीं।
-चंद्र दत्त शर्मा
22 घंटे पहले
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