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अंतरिक्ष

Omprakash Bajaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            धरती ने गगन को आवाज दी है
        
                                                    
                            
गगन से फिर पानी बरसा है
जीवन कर्मण्ये मनसा है
धरती की कोख से माँ सीता का वरदान है
अष्टसिद्धी नव निधी के दाता की उड़ान है
अंतरिक्ष में उडान, धरती का संधान है
अपने लक्ष्य छुने को तत्पर है चंद्र यान
सुजलाम् सुफलाम् मलयज शीतलाम्
सुरंगा बने सफल अभियान ।।
3 वर्ष पहले
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