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अंतरिक्ष

                
                                                         
                            धरती ने गगन को आवाज दी है
                                                                 
                            
गगन से फिर पानी बरसा है
जीवन कर्मण्ये मनसा है
धरती की कोख से माँ सीता का वरदान है
अष्टसिद्धी नव निधी के दाता की उड़ान है
अंतरिक्ष में उडान, धरती का संधान है
अपने लक्ष्य छुने को तत्पर है चंद्र यान
सुजलाम् सुफलाम् मलयज शीतलाम्
सुरंगा बने सफल अभियान ।।
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3 वर्ष पहले

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