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रक्त-तर्पण

Om Jee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुंवर के कटे कर को,
        
                                                    
                            
मंदाकिनी में मिली मीन।
सफरी सजी शाहाबाद से,
देशाटन टिका तेरह दिन।
मछरी बिकी बंगाल के बाजार में,
खबर आई कंपनी के अखबार में।
रे हाथ! तू हमेशा याद रहेगा,
सदा हमारे साथ रहेगा।

 
7 महीने पहले
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