कुंवर के कटे कर को,
मंदाकिनी में मिली मीन।
सफरी सजी शाहाबाद से,
देशाटन टिका तेरह दिन।
मछरी बिकी बंगाल के बाजार में,
खबर आई कंपनी के अखबार में।
रे हाथ! तू हमेशा याद रहेगा,
सदा हमारे साथ रहेगा।
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