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कि जो चाहा कभी मिला नहीं

Nivedita Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी में जो चाहा वह कभी मिला नहीं ...और जो मिला है वह किसी चाहत से काम नहीं....
        
                                                    
                            
बेशुमार रहीशी, शान ,अदब, रुतबा ना मिला ना सही ....
कुछ बसर भर जिंदगी एक छोटा आशियाना है...
छोटी-छोटी खुशियां खरीद सकने कि हिम्मत है कुछ अपनों का साथ है.....
एक झील का सुंदर किनारा है
ऊंची ऊंची बर्फ की चोटियां ना सही... पर
आंखों को सुकून देती सुंदर वादियां है ....
झील से गुजरती कश्तियां है .....और
दूर मंदिर से आती शंख निनाद...
पहाड़ों पर से आती ठंडी हवा... तेरा मेरे साथ होने का एहसास करा रही है....
आज खुश हूं कि यह सब जो मिला मुझे .. ख्वाब में भी चाहना मुश्किल था ....
आज जीभर इसको जी रही हूं मैं .......शुक्रिया
कि जो मैंने चाहा वो दिया नहीं ....और
जो कुछ भी दिया वह किसी चाहत से कम नहीं।
2 वर्ष पहले
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