मैं जानता हूँ उन हाथों को,
जो सिखाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
मैं जानता हूँ उस उत्साह को,
जो हर कदम... कक्षा से पहले बढ़ते रहते हैं।
अर्धरात्रि से लेकर प्रभात तक,
वे हमेशा हर विद्यार्थी के मन का विचरण करते हैं।
हर गलत पथ पर चलने से पहले,
वे अच्छाई का एक भ्रमण देते हैं।
अपने ज्ञान से ज्यादा,
अपने बच्चों के ज्ञान को गौरवान्वित करते हैं।
मैं इतना भाग्यशाली हूँ,
कि मुझे ऐसे अध्यापक प्रेम करते हैं!
अभी सामर्थ्य नहीं मुझमें कि गुरु-दक्षिणा कोई दे पाऊँ,
पर वादा है, आपकी हर अधूरी ख़्वाहिश को पूरा कर दिखाऊँ।आपकी हँसी ही हमारा गौरव है, आपकी खुशी ही हमारी मंज़िल,
आपके जीवन के हर पतझड़ को, मैं मुस्कुराती बहार बनाऊँ!