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झूठा मक्कार फरेबी उसे कह दूं क्या

Nirmala Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी अपनी मन की बातें उसे कह दूं क्या
        
                                                    
                            
है कितना वो मक्कार उसे कह दूं क्या।

चाहतें वफा वाली उसमें बात ना थी
हैं वो कितना फरेबी उसे कह दूं क्या।

चलों छोड़ो जाने भी दो उसे उसकी राह,
खुद सम्हल गए हम उसे कह दूं क्या।

वो खेलता रहा हमारे जज्बातों से
हम निभा गए उसे कह दूं क्या।

वो तो पालतू था आस्तीन का सांप निकला
परायों को पनाह दिया उसे कह दूं क्या।

- निर्मला सिन्हा निशा
छत्तीसगढ़
11 महीने पहले
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