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हमने मर मरकर कमाया

Netra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कविता : आंसू....
        
                                                    
                            
जिन जिन लोगों के लिए
हमने मर मरकर कमाया
मरने के बाद उन्हींने हमारे लिए
एक आंसू भी नहीं बहाया
मरने के बाद उन्हींने हमारे लिए
एक आंसू भी नहीं बहाया.......

 
22 घंटे पहले
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Dn Chaubey

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