कविता : आंसू....
जिन जिन लोगों के लिए
हमने मर मरकर कमाया
मरने के बाद उन्हींने हमारे लिए
एक आंसू भी नहीं बहाया
मरने के बाद उन्हींने हमारे लिए
एक आंसू भी नहीं बहाया.......
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X