आसमान की जेबों से
लफ़्ज़ों की बारिशों को
मोतियों कि तरह
वो डब्बियों किताबों में
इकट्ठा करती रहती थी
जब एक बाढ़ में
उसके दिल का ट्रंक डूब गया
और वो खुद
एक लफ्ज़ बन गयी
कहते हैं
किसीने
जान बूझकर उस दिन
आसमान
बादलों से भर दिया था
ताकी उसको
किसी मोती की तरह
अपनी नोटबुक में
संभाल कर रख सके।
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