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नीति के दोहे मुक्तक

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जातिवाद का देखिये, लोकतंत्र में खेल।
        
                                                    
                            
समाज सेवा होइ नहि, यह सिद्धांत अपेल।।

- अशर्फी लाल मिश्र,अकबरपुर,कानपूर।
 
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5 वर्ष पहले
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