विज्ञापन

माचिस की तिल्ली सा आम आदमी

Neet Biology

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सत्य पर पड़ा कोहरा बड़ा घना है।
        
                                                    
                            
कुत्ते को कुत्ता कहनाआलोचना है।
मेरा कटोरा न भरा, खाली ही रहा,
मेरे हृदय के चमड़े से ही ये बना है।
ठेकेदारी मे बने है पुल और सड़क,
बारीश मे बह जाने की संभावना है।
राफेल ईवीएम अब एस आई आर,
हमारा मकसद हवाबाज़ी करना है।
नकल करने पर महिमा मंडन हुआ,
पकड़ने वाले के विरोध मे धरना है।
माचिस की तिल्ली सा आम आदमी,
ये तय है उसे हर हाल मे जलना है।
-जयंत दिक्षित
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Adv DK Kanojiya

71 कविताएं

View Profile

Suresh Kumar

579 कविताएं

View Profile