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माचिस की तिल्ली सा आम आदमी

                
                                                         
                            सत्य पर पड़ा कोहरा बड़ा घना है।
                                                                 
                            
कुत्ते को कुत्ता कहनाआलोचना है।
मेरा कटोरा न भरा, खाली ही रहा,
मेरे हृदय के चमड़े से ही ये बना है।
ठेकेदारी मे बने है पुल और सड़क,
बारीश मे बह जाने की संभावना है।
राफेल ईवीएम अब एस आई आर,
हमारा मकसद हवाबाज़ी करना है।
नकल करने पर महिमा मंडन हुआ,
पकड़ने वाले के विरोध मे धरना है।
माचिस की तिल्ली सा आम आदमी,
ये तय है उसे हर हाल मे जलना है।
-जयंत दिक्षित
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एक घंटा पहले

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