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डॉलर की धौस दिखाकर कॉलर जला बैठे

Neet Biology

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सड़क बने तो सियासत, टूटे तो सियासत।
        
                                                    
                            
कही पांव के नीचे,कही बन जाती है छत।
डॉलर की धौस दिखाकर कॉलर जला बैठे ,
बे आबरू भागे हो तुम,फिर भी हो बेगैरत।
ध्रुवीकरण का चुंबक खींच ले गया है वोटर,
विकास के मुद्दे पर हासिल न होगा बहुमत।
समाज का तो पता नहीं, पर समाजवादी हु,
रंग बिरंगे चश्मों से देखने की है मेरी आदत।
एक हामिद मेले से चिमटा लाया दादी का,
दुसरे को लग गयी चिमटे से खेलने की लत।
- जयंत दिक्षित
6 घंटे पहले
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