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क्यों नहीं ख़त्म होती ये मजबूरियां

Neerja Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारे तुम्हारे प्यार के बीच क्यों हैं ये दूरियां
        
                                                    
                            
क्यों नहीं खत्म होती हैं ये मजबूरियां,

एक-दूजे के होकर भी क्यूं हैं अरमान अधूरे
ना जाने कब वो पल आएगा जब होंगे ये पूरे
धड़कनें तुम्हारी पहचानते हैं हम
हमारे लिए तुम्हारा प्यार ना होगा कभी कम
फिर भी जाने की कैसी हैं दूरियां
हमारे तुम्हारे प्यार के बीच क्यों हैं यह मजबूरियां,

सांसें थम सी जाती हैं जब याद तुम्हारी आती है
ना जाने कितना सैलाब लिए हमें रुला के जाता है
तड़पता है दिल ये रूह सहम जाती है
तुम्हारे प्यार की सौगात लिए ये फिजाएं एक गीत गुनगुनाती हैं
फिर भी जाने क्यों कैसी हैं ये दूरियां
क्यों नहीं खत्म होती हैं ये मजबूरियां,

उन खुशनुमा मुलाकातों में
हमारे प्यार से भरी उन रातों में
न जाने कितने सपने संजोए
तुम्हारे प्यार की मूरत आंखों में झिलमिलाती है
फिर भी हमारे तुम्हारे प्यार के बीच क्यों हैं यह दूरियां
क्यों नहीं खत्म होती हैं ये मजबूरियां,

दुनिया की इस भीड़ में हम खोए खोए से रहते हैं
अपनों के साए तले हम तन्हाई में जीते हैं
नैनों से बहते अश्क हमारे कलम की स्याही बनते हैं
तुम्हारे प्यार को शब्दों में बांधने की नाकाम कोशिश करते हैं
फिर भी हमारे तुम्हारे प्यार के बीच क्यों है यह दूरियां।।
क्यों नहीं खत्म होती है ये मजबूरियां... क्यों नहीं खत्म होती है ये मजबूरियां...
3 वर्ष पहले
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