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मोहब्बत की क़ब्र ताजमहल

Naved Shikoh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जदीद ना सही इस देश का दमदार माज़ी है,
        
                                                    
                            
क्या तुम्हारे देश में बस ताजमहल बाक़ी है!
एक मेहमां ने किया जब तंज तो उत्तर मिला,
मेज़बां हूं बात तुमसे कुछ नहीं छिपानी है,
मुग़लों के ज़माने से मोहब्बत की निशानी है,
बाक़ी हमारा दौर नफरत की कहानी है।

- नवेद शिकोह

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6 वर्ष पहले
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