जदीद ना सही इस देश का दमदार माज़ी है,
क्या तुम्हारे देश में बस ताजमहल बाक़ी है!
एक मेहमां ने किया जब तंज तो उत्तर मिला,
मेज़बां हूं बात तुमसे कुछ नहीं छिपानी है,
मुग़लों के ज़माने से मोहब्बत की निशानी है,
बाक़ी हमारा दौर नफरत की कहानी है।
- नवेद शिकोह
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