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नजदीकियाँ अपनों से मिटा नहीं सकते फुर्क़त फ़िराक़ और फ़ासले

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नजदीकियाँ अपनों से मिटा नहीं सकते फुर्क़त फ़िराक़ और फ़ासले
        
                                                    
                            
अपने हमेशा हमारे पास रहेंगे आजभी पास हैं और कलभी पास थे!

हपपर उनका भरोसा है हमको उन पर खुद से भी ज्यादा विश्वास हैं
खास हमारे खास ही रहेंगे, आज भी खास हैं और कल भी खास थे!
-एन आर कस्वाँ
एक घंटा पहले
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