नजदीकियाँ अपनों से मिटा नहीं सकते फुर्क़त फ़िराक़ और फ़ासले
अपने हमेशा हमारे पास रहेंगे आजभी पास हैं और कलभी पास थे!
हपपर उनका भरोसा है हमको उन पर खुद से भी ज्यादा विश्वास हैं
खास हमारे खास ही रहेंगे, आज भी खास हैं और कल भी खास थे!
-एन आर कस्वाँ
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