विज्ञापन

मज़हबी

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इन्सान उस को नहीं मानता जिसने उसके लिए सब बनाया है
        
                                                    
                            
बल्कि उसको मानता है जिसने उसके लिए मज़हब बनाया है
-एन. आर. कस्वाँ
5 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile