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जगह रहने की

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            डालें आदत खुद को खुद के संग खुश रहने की
        
                                                    
                            
ये यारी दोस्ती सारी तो बस सब हैं कहने की!

हदो -हुदूद और दायरे में अपने हों ख़ुद-मुख़्तार
इकबालो-असर से हो आजाद जगह रहने की!
- एन. आर. कस्वाँ
एक घंटा पहले
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