डालें आदत खुद को खुद के संग खुश रहने की
ये यारी दोस्ती सारी तो बस सब हैं कहने की!
हदो -हुदूद और दायरे में अपने हों ख़ुद-मुख़्तार
इकबालो-असर से हो आजाद जगह रहने की!
- एन. आर. कस्वाँ
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