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भीतर का सफ़र

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत छोटी है बाहर की राह ए सफ़र
        
                                                    
                            
लम्बी है बड़ी मग़र अंदर की रहगुज़र
हो चुकी है बाहर की इन्तेहा ए सफ़र
कर अपने भीतर की इब्तिदा ए सफ़र

- डॉ. एन. आर. कस्वाँ
19 घंटे पहले
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Ankit Kumar

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