मेरे लिए तुम हो जैसे कि lpg की बेतहाशा किल्लत
तुम्हारे वास्ते झेलनी पड़ी अब तक कितनी जिल्लत
जैसे US ने करी हर कोशिश ईरान से 'हां' कहलवानेकी
वैसे ही करता रहा हूं मैं भी तो बारबार तुम्हारी ये मिन्नत
तुम्हारे लबों से एक बार तो कभी हां निकलने दो यारा
बाद में तो तुम्हारी ही चलनी हैं इस दिल पर हुकूमत
वैसे तुम ना भी कह दे तो तुम्हारी बरबादी हम न सोचेंगे
हम ट्रंप थोड़ी ना हैं कि न रखेंगे किसी की भी इज्जत
तुम्हारी मुस्कुराहट ही तो हमारी जिंदगी का ईंधन हैं
न चाहेंगे कभी की आए ईंधन सप्लाई पर कोई आफत
वैसे कितना भी तुम ना ना करो दुनिया को दिखाने के लिए
तुम्हे भी हैं यकीन कि हमारे ही हाथ में हैं तुम्हारी किस्मत
लेकिन जंग से तो सौ गुना बेहतर हैं वार्तालाप जारी रखना
तुम्हे भी शायद पता न हो जो हैं तुम्हारे नाजुक होठों में ताकत
इंसान की फितरत अजीब हैं यारां जहन्नुम बनाकर
ये दुनिया,
सोचता हैं उस जहां में जाकर मिल जाएगी उसे प्यारी सी जन्नत
-नंदकुमार भागवत