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बलखाती नदी

Naik prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नदी जहां भी बहती है,
        
                                                    
                            
खिलखिलाती और बलखाती बहती है
आप जहां भी देखे
शहर, गांव, कस्बा उसी लय मे दिखतो है
नदी ऊंची पहाड़ियो से गिरती है ,
पर दर्द उसे नही होती है
बल्कि और खिलखिलाते हुए बहती है
निर्जन वन ,पहाडियो मे मस्त बहती है
जीवन के राह कठीन रहने पर मस्त रहना चाहिए
अकेले चलते रहने पर
नदी जहां पर खिलखिलाती, बलखाती बहती है
मनुष्य को शिक्षा लेनी चाहिए
और जीवन को भी नदी के समान जीना चाहिए
- भागवत प्रसाद नायक
3 महीने पहले
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