विज्ञापन

संयम दिखलाता, विश्वास है वो।

Nag Mani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अनादि, अनन्ता , अजन्मा है वो
        
                                                    
                            
नाम हैं अनेकों, पहचान बस एक।

दुविधा नहीं कोई, संशय से दूर
उपस्थित हमेशा, अदृश्य है वो।

बात है छोटी फिर भी विस्तार असीम
संयम दिखलाता, विश्वास है वो।

अनादि, अनन्ता , अजन्मा है वो
नाम हैं अनेकों, पहचान बस एक।
-नाग मणि
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12570 कविताएं

View Profile