गर्मी आई, गर्मी आई,
संग में खूब पसीने लाई।
दिन में जमकर नींद सताए,
फिर भी गर्मी में सो न पाए।।
गर्मी आई, गर्मी आई,
संग में कीट-किड़े भी लाई।
शाम की सबको याद सताए,
न जाने कब सूरज जाए।।
घर में पंखे-परदे आया,
बिजली के भी खर्चे लाया।
मीठे-ताजे फल खिलाकर,
गर्मी ने अपना मान बढ़ाया।।
गर्मी में आलस भी आए,
काम-काज निकल न पाए।
लेकर छतरी बाहर तुम जाना,
गमछे से भी काम चलाना ।।
सबको वर्षा का इंतजार,
गर्मी ने किया बेहाल।
सुबह-शाम टहलने जाओ,
गर्मी से तुम राहत पाओ।।