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गर्मी आई, गर्मी आई

                
                                                         
                            गर्मी आई, गर्मी आई,
                                                                 
                            
संग में खूब पसीने लाई।
दिन में जमकर नींद सताए,
फिर भी गर्मी में सो न पाए।।

गर्मी आई, गर्मी आई,
संग में कीट-किड़े भी लाई।
शाम की सबको याद सताए,
न जाने कब सूरज जाए।।

घर में पंखे-परदे आया,
बिजली के भी खर्चे लाया।
मीठे-ताजे फल खिलाकर,
गर्मी ने अपना मान बढ़ाया।।

गर्मी में आलस भी आए,
काम-काज निकल न पाए।
लेकर छतरी बाहर तुम जाना,
गमछे से भी काम चलाना ।।

सबको वर्षा का इंतजार,
गर्मी ने किया बेहाल।
सुबह-शाम टहलने जाओ,
गर्मी से तुम राहत पाओ।।
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4 महीने पहले

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