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को किसी के घर बैठाया गया ||

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            
घर में सब मेहमान आए हैं देखो देखो कोई कार्यक्रम है
सब के चेहरे पर आज अजीब ख़ामोशी छाई
कहने को आज सब आए हैं उनमें एक बच्चा ये सब देख रहा
पांच साल का वो बच्चा अपने घर में लोगों को देख खुश हुआ ||

उसने (बच्चे) ने देखा एक आदमी को बैठाया गया
उसे नहलाया जा रहा है उसको नए कपड़े पहनाए गए जैसे
वो बड़ा भी कोई बच्चा हो उसको सब सजा रहे हैं
जब बच्चा पास गया तो सब रो पड़े उसे देख कर
अंजान था वो बच्चा इन सब रीति रिवाज से
उसका एक छोटा भाई था एक साल का अब दोनों
को किसी के घर बैठाया गया ||

तब बड़े वाले को बुलाते कोई आया उसे क्या पता था वो
कहा जा रहा है देख ये दुनिया उसके पापा का अंतिम संस्कार
करने उसे शमशान ले गई
अंजान इन सब से वो डर रहा था उसे क्या पता था वो अपने हाथों से
अपने पिता की चिता को अग्नि दे रहा था
वो बच्चा अब बड़ा हुआ वीरे और अब जब भी वो सब याद करता
रो पड़ता अगर अपने पता होता वो पिता है तो उसने गले लग आखिरी
पल रो देता ।।
—भैरूदास वैष्णव 
2 घंटे पहले
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