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मुझे प्यार करती रही

MOHD TASVIRUL ISLAM

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रात भर वो मुझे प्यार करती रही
        
                                                    
                            
मेरी आँखों मे इकरार करती रही
मीठे सपनों की मुझको आदत लगा
रूबरू हकीकत से करती रही

प्यार का ही सबक वो पढ़ाती रही
मेरी हिम्मत को हरदम बढ़ाती रही
जग जीतने का हुनर दे के मुझको
रब से मुझको दुआएं दिलाती रही

देखकर मुझे वो चहकती रही
उसकी आँखें नमी में मचलती रही
लोग लगे पूछने कि वो कौन थी
दोस्तो मेरी जन्नत माँ थी मेरी

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