रात भर वो मुझे प्यार करती रही
मेरी आँखों मे इकरार करती रही
मीठे सपनों की मुझको आदत लगा
रूबरू हकीकत से करती रही
प्यार का ही सबक वो पढ़ाती रही
मेरी हिम्मत को हरदम बढ़ाती रही
जग जीतने का हुनर दे के मुझको
रब से मुझको दुआएं दिलाती रही
देखकर मुझे वो चहकती रही
उसकी आँखें नमी में मचलती रही
लोग लगे पूछने कि वो कौन थी
दोस्तो मेरी जन्नत माँ थी मेरी
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