कर लो जी पूरी तैयारी
आ रहे हैं प्रेम पुजारी
प्रेम की गंगा चहुँओर बहेगी
सत्य की गुंजेगी किलकारी
न्याय का होगा बोलबाला
मुस्कान बनेगी प्यारी प्यारी
मेहनत से सीचेंगे धरती
महकेगी बगिया की फुलवारी
ख़ुशहाली की बातें होंगी
खुशियों की सौगाते होंगी
अनुशासित जीवन हो सबका
निश्छल मन की यादें होंगी
प्रेम है ईश्वर, प्रेम ही जीवन
प्रेम बिना मानुष है निर्जन
प्रतिघात करे मलिन सोच पर
जीवन कर दे पूरा निर्मल
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