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नया साल है...

Mohanjeet Kukreja

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इरादे मज़बूत रख
        
                                                    
                            
और हौसला बुलंद

इक नया उल्लास
एक नया जूनून
नए ख़्वाब देख
नए जोश में
तू मक़ाम कर…

जो गुज़र गया
सो गुज़र गया
वो अतीत है
भूल जा
उसे भूल जा!

जो अहम है अब
वो बस आज है
इसी आज का
तू एहतिराम कर…

नयी सुबह है एक
उसे सलाम कर
नया साल है
नए काम कर !!

- एमके 

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले
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Anil Pandey

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