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माँ की सूरत तनवीर जैसी है

MD Shahabuddin

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जुल्फ शोले की अदाएं शमशीर जैसी है
        
                                                    
                            
वो ल़डकि तो अपने कश्मीर जैसी है

संवारू कितना भी ये बिखर ही जाती है
यार सूरत भी तेरी मेरे तकदीर जैसी है

माँ हो घर तो हम चिराग़ रोशन नहीं करते
सूरत माँ की मेरे किसी तनवीर जैसी है

(तनवीर = रोशनी)

By MD Shahabuddin


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