विज्ञापन

ज़िंदगी सुबह उठाये

mayank vajpeyee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़िंदगी सुबह उठाये
        
                                                    
                            
तुम्हें एक चुटकुला सुनाए
सुबह सुबह चेहरे पर मेरे
एक हँसी सी चस्पा कर जाये
असल दिन में मुश्किल है ना ज़िंदगी यूँ पेश आए
बेवजह सही
चलो दिन का आग़ाज़ हँसते हुए किया जाये
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile