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लहर दर लहर

mayank vajpeyee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लहर दर लहर सागर साहिल को तरसने लगे
        
                                                    
                            
तो पूछो ख़ुद से से क्या ग़लत कश्ती के हो लिए
सुबह घड़ी डर घड़ी शाम का तकने लगे
तो पूछो ख़ुद से क्या ग़लत शहर के हो लिए
5 घंटे पहले
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Adv DK Kanojiya

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