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लहर दर लहर

                
                                                         
                            लहर दर लहर सागर साहिल को तरसने लगे
                                                                 
                            
तो पूछो ख़ुद से से क्या ग़लत कश्ती के हो लिए
सुबह घड़ी डर घड़ी शाम का तकने लगे
तो पूछो ख़ुद से क्या ग़लत शहर के हो लिए
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2 घंटे पहले

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