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आईने के सामने

mayank vajpeyee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज आईने के सामने कुछ वक़्त गुज़ारा जाये
        
                                                    
                            
क्या बुरा दिखता है सबको जरा टटोला जाये
कुछ तो ख़ामी होगी ज़रूर इस शख़्स में
आज जरा यही पुछवाया जाये
क्यों ख़फ़ा सा रहता है हर चेहरा उससे
कहो उससे ये जरा हमें भी बतलाया जाये
मुमकिन है आता नहीं शायद ओढ़ना फ़रेब उसे
चलो आज ये भी उसे सिखलाया जाये
एक घंटा पहले
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