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बिंदी..

Mayank Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो माथे पे जो लगाले बिंदी तो कितनो को घायल कर देगी
        
                                                    
                            
वो बिन बिंदी के मेरे दिल पे रोज कहर ढ़ा जाती है
वो रहती है पास मेरे तब नूर अलग ही होता है
खुशी चली जाती है जब दूर अलग वो होता है
उसपे मेरा हक जो होता में उसको पास बैठा लेता
बातों ही बातों  में दिल के सारे राज बता देता।
----डॉ मयंक शर्मा
 
3 वर्ष पहले
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