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मसला

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अकसर दुनियादारी से होता मसला
        
                                                    
                            
धन से धन की यारी से होता मसला
करने को हर जंग फ़तह कर सकते पर
मन की बस लाचारी से होता मसला
चाहे तो हो चाँद हमारी कुटिया में
लेकिन हिस्सेदारी से होता मसला
कहने को तो देश बदलना है लेकिन
पहले अपनी बारी से होता मसला
पास हमारे कितनी खुशियां हो लेकिन
दूजे की अलमारी से होता मसला
लोगो के मसलों से मन को लुत्फ़ मिला
लेकिन बात हमारी से होता मसला
फूल खिला हो आँगन में तो उत्तम है
बस काँटों की झाड़ी से होता मसला
बेटा सर पर मूूूंग दरे सब वाजिब है
बिटिया की किलकारी से होता मसला
आग लगे दुनिया में हमको क्या लेना
अपने घर चिंगारी से होता मसला


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6 वर्ष पहले
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