अकसर दुनियादारी से होता मसला
धन से धन की यारी से होता मसला
करने को हर जंग फ़तह कर सकते पर
मन की बस लाचारी से होता मसला
चाहे तो हो चाँद हमारी कुटिया में
लेकिन हिस्सेदारी से होता मसला
कहने को तो देश बदलना है लेकिन
पहले अपनी बारी से होता मसला
पास हमारे कितनी खुशियां हो लेकिन
दूजे की अलमारी से होता मसला
लोगो के मसलों से मन को लुत्फ़ मिला
लेकिन बात हमारी से होता मसला
फूल खिला हो आँगन में तो उत्तम है
बस काँटों की झाड़ी से होता मसला
बेटा सर पर मूूूंग दरे सब वाजिब है
बिटिया की किलकारी से होता मसला
आग लगे दुनिया में हमको क्या लेना
अपने घर चिंगारी से होता मसला
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