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दुनियां बदली अकलें बदल गईं

मारूफ आलम

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नदियां बदली फसलें बदल गईं
        
                                                    
                            
दुनियां बदली अकलें बदल गईं

मत तलाश कर वो सदी तू अब
सदियां बदलीं नस्लें बदल गईं

रात भर फ़रिश्ते बने रहे
सुबह आई शक्लें बदल गईं

दौर में अदब अब बदल गया
दौर में यूं गज़लें बदल गईं

शाम आई बातें बदल गईं
रात आई वस्लें बदल गईं
-मारूफ आलम
एक दिन पहले
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