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दुनियां बदली अकलें बदल गईं

                
                                                         
                            नदियां बदली फसलें बदल गईं
                                                                 
                            
दुनियां बदली अकलें बदल गईं

मत तलाश कर वो सदी तू अब
सदियां बदलीं नस्लें बदल गईं

रात भर फ़रिश्ते बने रहे
सुबह आई शक्लें बदल गईं

दौर में अदब अब बदल गया
दौर में यूं गज़लें बदल गईं

शाम आई बातें बदल गईं
रात आई वस्लें बदल गईं
-मारूफ आलम
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4 घंटे पहले

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