तुम मेरी आंखों में सदा
खिले खिले ही रहना
वो चांद भले ही आज चौंथ में
दूर गगन में खिले न खिले!!
बिना कहे, एहसास कराये
समझ सकूँ गर दिल की बातें
हम दोनों की यही होगी
जीवन भर की मुलाकातें
तुम मेरी सांसों में सदा ही
घुले घुले ही रहना,
वो चांद भले ही आज चौंथ में
गगन प्यास में घुले न घुले!!
हरेक पथ पर प्रथम पग जब
तुम रखो विश्वास की
अगला कदम ही मेरा होगा
हम दोनों की आस की
मेरी पलकों के झूले में तुम
झूले झूले ही रहना
वो चांद भले ही आज चौंथ में
आसमान में झूले न झूले!!
मेरे होठों से लेकर हमेशा
बिखराओ मुस्कान सदा
मैं तुम्हारी हर साँसों में
भरूँ प्रीत की तान सदा
प्रीत- समर्पण के उपवन में
फूले फूले ही रहना!
वो चांद भले ही आज चौंथ में
दूर गगन में फूले न फूले!!