कैसे गाऊं कैसे सुनाऊं, तेरी खुबसूरती अनमोल है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है ।
मदकाती तेरी चाल गौरी, यौवन ले हिलोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है ।
मौसम चाहे कितने बदले, सावन तेरे सिर मोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है ।
भौहे उठे तो बादल छाये, झुक जाये तो घन घोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है ।
जुल्फें तेरी मस्त घटा सी, पतझड़ सी ले हिलोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है ।
- मनोहर सिंह जामलिया